भारतीय समाज शताब्दियों तक जाति, असमानता और अन्याय से पीड़ित रहा है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने इस...
आज का मनुष्य बाहरी सुखों से घिरा है, लेकिन अंदर से अशांत है। तनाव, चिंता, अवसाद, क्रोध...
आज का समाज हिंसा, भ्रष्टाचार, नशा, अनैतिकता और असंतोष से पीड़ित है। हर व्यक्ति शांति, सुरक्षा और...
आज का मनुष्य तनाव, असंतोष, क्रोध और प्रतिस्पर्धा से घिरा हुआ है। सुख की खोज में वह...
भगवान गौतम बुद्ध ने मानव जीवन के दुःख को समझने और उससे मुक्ति पाने के लिए जो...
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान शांति, करुणा और सही मार्ग की तलाश में है।...
एक समय भगवान कुरु-प्रदेश में कुरुओं के निगम कम्मासधम्म में विहार करते थे। ▫️ उस समय भिक्षुओं...
यूथ फाॅर बुद्धिस्ट इण्डिया, नई दिल्ली बौद्ध परिवार मिलन मेला, पड़ोसियों, मित्रों, संबंधियों और परिवार सहित आईए...
ब्रह्मविहार का अर्थ है — मन की वे श्रेष्ठ अवस्थाएँ, जिनमें रहकर मनुष्य शुद्ध, शांत और कल्याणकारी...
🌺सुख–दुःख का संतुलन केवल मनुष्य लोक में अपाय लोक: अत्यधिक दुःख → समाधि व पञ्ञा का विकास...
