अक्कलकोट, महाराष्ट्र, भारत : नगर निगम की ओर से पश्चिमी महाराष्ट्र में सबसे बड़े बुद्ध विहार गार्डन...
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एवं मे सुत्तं एकं समयं भगवा सावत्थियं विहरति जेतवने अनाथपिंडकस्स आरामे। तत्र खो भगवा भिक्खु आमन्तेसि भिक्खवोति...
“ भिक्षुओ `मौन` तीन प्रकार का होता है I कौन से तीन प्रकार का ? काया का...
बुद्ध का चलना चलना नहीं कहा जाता था । उनके चलने को ही विहार कहते थे। पूरा...
